298 पुरुष और 99 महिला गृह रक्षक होंगे शामिल, राज्य के चार प्रशिक्षण केंद्रों में चलेगा दो सप्ताह का प्रशिक्षण
रांची। झारखंड में अग्निशमन सेवा को और अधिक मजबूत एवं प्रभावी बनाने की दिशा में विभाग ने महत्वपूर्ण पहल की है। इसके तहत अग्निशमन सेवा में प्रतिनियुक्त नवनियुक्त चालक कोटि के 397 गृह रक्षकों को विशेष बुनियादी प्रशिक्षण देने का आदेश जारी किया गया है। प्रशिक्षण कार्यक्रम आगामी 9 नवंबर से शुरू होगा और इसकी अवधि दो सप्ताह निर्धारित की गई है।
होमगार्ड के महानिदेशक सह महासमादेशक एवं अग्निशमन सेवा झारखंड के कार्यालय से जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, राज्य के विभिन्न जिलों से चयनित गृह रक्षकों को आगामी एक वर्ष के लिए अग्निशमन सेवा में प्रतिनियुक्त किया गया है। इन सभी को अग्निशमन से जुड़े कार्यों की जानकारी देने के साथ-साथ आपातकालीन परिस्थितियों में बेहतर तरीके से काम करने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 397 गृह रक्षक हिस्सा लेंगे। इनमें 298 पुरुष और 99 महिला गृह रक्षक शामिल हैं। प्रशिक्षण के लिए राज्य के चार केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थानों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
चार प्रशिक्षण केंद्रों पर होगी व्यवस्था
विभाग की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान होमगार्ड धुर्वा (रांची) में दक्षिणी छोटानागपुर और कोल्हान प्रमंडल के रांची, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, खूंटी, चाईबासा, सरायकेला और जमशेदपुर के कुल 182 गृह रक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
वहीं, केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान होमगार्ड चियांकी (पलामू) में पलामू प्रमंडल के पलामू, गढ़वा और लातेहार जिले के 33 गृह रक्षक प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे।
केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान होमगार्ड सिन्दूर (हजारीबाग) में उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के हजारीबाग, चतरा, कोडरमा, गिरिडीह, रामगढ़, बोकारो और धनबाद जिले के कुल 120 गृह रक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इसके अलावा केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान होमगार्ड नकटी (दुमका) में संथाल परगना प्रमंडल के दुमका, देवघर, गोड्डा, साहिबगंज, पाकुड़ और जामताड़ा जिले के कुल 62 गृह रक्षक विशेष प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे।
अग्निशमन कार्यों में दक्ष बनाना मुख्य उद्देश्य
इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य नवनियुक्त गृह रक्षकों को अग्निशमन सेवा के कार्यों में दक्ष बनाना और उनकी कार्यक्षमता एवं पेशेवर कौशल को मजबूत करना है। प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें आग लगने की घटनाओं और अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में प्रभावी ढंग से काम करने के लिए तैयार किया जाएगा।
इस संबंध में सभी संबंधित जिला समादेशकों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। विभाग की इस पहल से राज्य की अग्निशमन व्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ-साथ आपातकालीन सेवाओं में प्रशिक्षित कर्मियों की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है।









