विष्णुगढ़ (हजारीबाग) / राजेश दुबे। प्रखंड अंतर्गत बेड़ाहरियारा पंचायत के रमुआ गांव में रविवार को आस्था, परंपरा और भक्ति का मनमोहक संगम देखने को मिला। यहां दो दिवसीय मां मनसा पूजनोत्सव का शुभारंभ पूरे विधि-विधान और भक्तिभाव के साथ हुआ। पूजा को लेकर पूरे गांव में उत्सव का माहौल बना हुआ है। मां मनसा मंदिर परिसर श्रद्धालुओं की आवाजाही और जयकारों से भक्तिमय हो उठा है।
पूजनोत्सव की शुरुआत प्रखंड के ऐतिहासिक बड़की बांध के पवित्र जल से की गई। ब्राह्मणों ने मंत्रोच्चार के बीच बड़की बांध के जल की विधिवत पूजा-अर्चना की और कलश में पवित्र जल भरा। इसके बाद श्रद्धालुओं एवं पूजा समिति के सदस्यों ने धार्मिक रीति-रिवाज के साथ कलश को मां मनसा मंदिर पहुंचाया। मंदिर में कलश स्थापित करने के बाद विधि-विधान से पूजा-अर्चना शुरू की गई।
ग्रामीणों के अनुसार, रमुआ गांव में मां मनसा पूजा की परंपरा वर्षों पुरानी है। भादो माह की तृतीया तिथि की मध्य रात्रि से विशेष पूजा आरंभ करने की परंपरा चली आ रही है। मां मनसा के प्रति ग्रामीणों की गहरी आस्था के कारण रमुआ के अलावा आसपास के गांवों से भी श्रद्धालु पूजा में शामिल होने पहुंचते हैं। श्रद्धालु मां मनसा से परिवार की सुख-शांति, समृद्धि, स्वास्थ्य एवं मंगलमय जीवन की कामना करते हैं।

मन्नत पूरी होने पर बकरे की बलि और मुंडन संस्कार की परंपरा
पूजा के दूसरे दिन सोमवार को धार्मिक परंपरा के अनुसार बकरे की बलि दी जाएगी। ग्रामीणों के अनुसार, मां मनसा से मांगी गई मन्नत पूरी होने पर श्रद्धालु मंदिर में बकरे की बलि अर्पित करते हैं। इसके साथ ही मन्नत पूरी होने पर बच्चों का मुंडन संस्कार कराने की भी परंपरा चली आ रही है।
सोमवार को दिनभर पूजा-अर्चना एवं धार्मिक अनुष्ठान होंगे। इसके बाद हवन एवं आरती का आयोजन किया जाएगा तथा श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण होगा। धार्मिक अनुष्ठान की पूर्णाहुति के बाद कलश विसर्जन के साथ दो दिवसीय मां मनसा पूजनोत्सव का विधिवत समापन किया जाएगा।
पूजा को लेकर ग्रामीणों में उत्साह
मां मनसा पूजा को लेकर रमुआ सहित आसपास के गांवों में उत्साह का माहौल है। मंदिर परिसर को व्यवस्थित रखने तथा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पूजा समिति के सदस्य लगातार सक्रिय हैं। आयोजन को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए समिति के सदस्य पूरी तत्परता से जुटे हुए हैं।
पूजा को सफल बनाने में मंदिर के पुजारी पुरुषोत्तम पांडेय, शेखर पांडेय, बैजनाथ पांडेय, कृष्ण देव पांडेय सहित पवन लहेरी, निरंजन सोनी, पंकज लहेरी, मनोज सोनी एवं विशेश्वर प्रसाद स्वर्णकार समेत पूजा समिति के कई अन्य सदस्य सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं।






