चौपारण : आपदा मित्रों ने समाज की अंतिम पंक्ति तक पहुँचाई होली की खुशियाँ

Nitish Keshri
2 Min Read
|बिरहोर बच्चों के बीच रंग, पिचकारी और मिठाइयों का वितरण करते आपदा मित्र सेवा फाउंडेशन के सदस्य

जरूरतमंदों संग त्योहार मनाकर दिया सामाजिक समरसता का संदेश, पाँच वर्षों से जारी सेवा का सिलसिला

चौपारण/हजारीबाग। होली का पर्व केवल रंगों का नहीं, बल्कि संवेदनाओं और सामाजिक सरोकारों का भी होता है। इसी भावना को साकार करते हुए आपदा मित्र सेवा फाऊंडेशन के सदस्यों ने चौपारण प्रखंड के कठंबा और बिगहा गांवों में विलुप्तप्राय आदिम जनजाति बिरहोर परिवारों के बीच पहुँचकर होली की खुशियाँ साझा कीं।

बिरहोर बच्चों के बीच रंग, पिचकारी और मिठाइयों का वितरण करते आपदा मित्र सेवा फाउंडेशन के सदस्य

संस्था की ओर से लगभग 130 बिरहोर बच्चों के बीच पिचकारी, रंग, अबीर, मिठाई, बिस्कुट और चिप्स का वितरण किया गया। बच्चों के चेहरे पर मुस्कान और उत्साह इस बात का प्रमाण था कि सच्ची होली वही है, जो समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों के साथ मनाई जाए।

पिछले पाँच वर्षों से संस्था लगातार हर पर्व और विशेष अवसर पर बिरहोर परिवारों के बीच पहुँचकर सहयोग और स्नेह का हाथ बढ़ाती आ रही है। सेवा का यह सिलसिला केवल त्योहार तक सीमित नहीं, बल्कि मानवीय संवेदना का स्थायी प्रयास बन चुका है।

इस अवसर पर अध्यक्ष बिनोद स्वर्णकार, सचिव शशि शेखर, हेमंत साहु, दिलीप राणा, मनीष साहु, मुखिया प्रतिनिधि बिनोद सिंह, पवन सिंह सहित कई युवा उपस्थित रहे। वितरण कार्य में जीतु यादव, मुकेश मधेशिया और बीरेंद्र का भी सराहनीय योगदान रहा।

अध्यक्ष बिनोद स्वर्णकार ने कहा कि बिरहोर परिवारों के बीच बड़े लोग भले ही कम पहुँचते हों, लेकिन उनके लिए हर दिन खास है। “हमारा प्रयास है कि कोई भी बच्चा त्योहार की खुशियों से वंचित न रहे। चाहे होली हो या दीवाली, सेवा और सहयोग का यह क्रम आगे भी निरंतर जारी रहेगा।” आपदा मित्रों की यह पहल समाज को यह संदेश देती है कि सच्ची खुशी वही है, जो बाँटने से बढ़ती है।

इसे भी पढ़े: लेढिया नदी में मिला अज्ञात व्यक्ति का शव, शव की नहीं हुई शिनाख्त

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

⚠️
Craft Samachar: कंटेंट सुरक्षित है।