मंदिर परिसर में अभद्रता और जान से मारने की धमकी देने का भी दावा, पीड़िता ने पुलिस से लगाई न्याय और सुरक्षा की गुहार
चतरा। जिले के वशिष्ठ नगर जोरी थाना क्षेत्र स्थित काली मंदिर में सदस्यता को लेकर चल रहा विवाद अब गंभीर आरोपों तक पहुंच गया है। मंदिर की एक महिला सदस्य संध्या पाण्डेय ने कुछ लोगों पर मारपीट, अभद्रता, साड़ी खींचकर बेपर्दा करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। इस संबंध में पीड़िता ने थाना प्रभारी को लिखित आवेदन देकर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
पीड़िता के आवेदन के अनुसार, घटना 2 नवंबर 2026 की शाम करीब चार बजे की है। आरोप है कि वासुदेव यादव उनके घर पहुंचे और उन्हें काली मंदिर चलने के लिए कहा। इसके बाद संध्या पाण्डेय अपने दोनों बेटों के साथ मंदिर पहुंचीं। वहां पहले से चंद्रिका यादव, बैजनाथ यादव, गुलाब यादव, गजल यादव समेत करीब दस अन्य लोग मौजूद थे।
सदस्यता छोड़ने का बनाया जा रहा था दबाव
संध्या पाण्डेय का आरोप है कि मंदिर परिसर पहुंचते ही कुछ लोगों ने उनके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। इसी दौरान चंद्रिका यादव ने कथित रूप से अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए मंदिर की सदस्यता को लेकर सवाल उठाए। विरोध करने पर उनके साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि उनकी साड़ी को जूते से दबाकर खींचा गया, जिससे वह जमीन पर गिर गईं और उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित होना पड़ा।
गोली मारने की धमकी देने का भी आरोप
पीड़िता ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि उन्हें मंदिर की सदस्यता छोड़ने के लिए दबाव दिया गया। ऐसा नहीं करने पर गोली मारकर हत्या करने की धमकी दी गई। उन्होंने यह भी दावा किया कि आरोपियों ने अपने प्रभाव का हवाला देते हुए कार्रवाई से बच निकलने की बात कही।
घटना के बाद से पीड़िता और उनका परिवार भयभीत है। संध्या पाण्डेय ने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
बताया जा रहा है कि काली मंदिर प्रबंधन समिति में दो गुटों के बीच चल रहे विवाद के कारण तनाव की स्थिति बनी हुई है। फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच और दूसरे पक्ष का बयान सामने आना बाकी है। अब पुलिस की जांच और कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।
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