नई दिल्ली। भारत के कोकिंग कोल आयात में ऑस्ट्रेलिया की हिस्सेदारी लगातार घट रही है। वर्ष 2019 में भारत के कुल कोकिंग कोल आयात में ऑस्ट्रेलिया की हिस्सेदारी 73 प्रतिशत थी, जो वर्ष 2025 में घटकर 54 प्रतिशत रह गई है। वहीं, रूस, अमेरिका और मोजाम्बिक जैसे देशों से आयात में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
इस्पात मंत्रालय ने गुरुवार, 5 नवंबर को संसदीय समिति के समक्ष दिए गए बयान में यह जानकारी दी। मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, कोकिंग कोल आयात में रूस की हिस्सेदारी वर्ष 2019 के 0.62 प्रतिशत से बढ़कर 2025 में 8.15 प्रतिशत हो गई है। वहीं, अमेरिका की हिस्सेदारी 8 प्रतिशत से बढ़कर 17 प्रतिशत तक पहुंच गई।
इसी तरह मोजाम्बिक की हिस्सेदारी 4 प्रतिशत से बढ़कर 7.31 प्रतिशत और इंडोनेशिया की हिस्सेदारी 2.46 प्रतिशत से बढ़कर 4 प्रतिशत हो गई है।
मंत्रालय के अनुसार, भारत में ब्लास्ट फर्नेस आधारित इस्पात उत्पादकों की कोकिंग कोल की लगभग 90 प्रतिशत मांग आयात से पूरी होती है। वित्त वर्ष 2024-25 में भारतीय इस्पात उद्योग ने कुल 58 मिलियन टन कोकिंग कोल का आयात किया, जबकि वित्त वर्ष 2023-24 में यह आंकड़ा 57 मिलियन टन था।
मंत्रालय ने बताया कि वैश्विक स्तर पर उच्च गुणवत्ता वाले हार्ड कोकिंग कोल के भंडार कुछ चुनिंदा देशों में ही उपलब्ध हैं। ऑस्ट्रेलिया में बेहतर गुणवत्ता के भंडार, स्थिर खनन व्यवस्था और मजबूत लॉजिस्टिक्स सुविधाओं के कारण अंतरराष्ट्रीय कारोबार में उसकी हिस्सेदारी अब भी 50 प्रतिशत से अधिक बनी हुई है।