Home झारखंड बिहार देश-विदेश खेल मनोरंजन राजनीति

विष्णुगढ़: जर्जर मिट्टी-खपरैल का मकान हुआ धराशायी, एक साल से ननद के घर रह रही थी पीड़िता, सरकारी आवास की लगाई गुहार

लगातार बारिश के कारण विष्णुगढ़ पंचायत निवासी साबो देवी का जर्जर मिट्टी-खपरैल मकान पूरी तरह ढह गया। आर्थिक तंगी के कारण परिवार नया मकान बनाने में असमर्थ है और सरकारी आवास की मांग की है...
Published: Sep 12, 2026  •  Updated: Sep 12, 2026
HIGHLIGHTS
- ADVERTISEMENT -

लगातार बारिश में ढहा गरीब परिवार का आशियाना, बेघर हुई साबो देवी

विष्णुगढ़ (हजारीबाग) / राजेश दुबे। लगातार हो रही बारिश ने विष्णुगढ़ पंचायत के एक गरीब परिवार की परेशानी बढ़ा दी है। पंचायत निवासी साबो देवी, पति रोहित लहेरी का वर्षों पुराना मिट्टी-खपरैल का मकान बारिश के कारण धंसकर पूरी तरह धराशायी हो गया। मकान के गिर जाने से परिवार के सामने अब सुरक्षित छत की समस्या खड़ी हो गई है।

poor familys house collapses in continuous rain sabo devi left homeless1

जानकारी के अनुसार साबो देवी का मकान काफी समय से जर्जर अवस्था में था। मकान की स्थिति को देखते हुए वह करीब एक वर्ष पहले ही अपने घर में रहना छोड़कर अपनी ननद के आवास में रहने लगी थीं। लगातार बारिश के कारण मकान की मिट्टी और कमजोर होती गई। आखिरकार जर्जर मकान बारिश का दबाव नहीं झेल सका और धंसकर जमीन पर गिर गया।

गरीबी के कारण नहीं करा सकीं मकान की मरम्मत

मकान की हालत खराब होने के बावजूद आर्थिक तंगी के कारण परिवार उसकी मरम्मत नहीं करा सका। साबो देवी के पति रोहित लहेरी कुर्सी-टेबल बनाने का काम करते हैं। इसी काम से होने वाली सीमित आमदनी से परिवार का किसी तरह भरण-पोषण होता है। रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना ही जहां मुश्किल है, वहीं नया मकान बनाना परिवार के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

poor familys house collapses in continuous rain sabo devi left homeless2

मकान के पूरी तरह ढह जाने के बाद परिवार की परेशानी और बढ़ गई है। जिस घर को किसी तरह बचाए रखने की उम्मीद थी, वह अब मलबे में बदल चुका है। बरसात के मौसम में सुरक्षित रहने के लिए जगह की व्यवस्था करना परिवार के सामने सबसे बड़ी चिंता बन गई है।

एक साल से ननद के घर ले रही थीं शरण

साबो देवी पहले से ही जर्जर मकान के कारण अपनी ननद के घर में रह रही थीं। करीब एक वर्ष से दूसरे के घर में रहकर परिवार किसी तरह गुजर-बसर कर रहा था। उन्हें उम्मीद थी कि भविष्य में आर्थिक स्थिति सुधरेगी तो मकान की मरम्मत कराकर अपने घर में लौट जाएंगी। लेकिन बारिश ने उनके पुराने आशियाने को ही पूरी तरह उजाड़ दिया।

मकान गिरने के बाद परिवार के लोगों में चिंता का माहौल है। परिवार का कहना है कि आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वे अपने खर्च पर नया मकान बनवा सकें। सरकारी सहायता मिलने पर ही उनके लिए दोबारा सुरक्षित आशियाना तैयार करना संभव हो सकेगा।

सरकारी आवास की मांग

पीड़ित साबो देवी ने विष्णुगढ़ प्रशासन से मदद की गुहार लगाते हुए सरकारी आवास उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि प्रशासन की ओर से आवास अथवा आवश्यक आर्थिक सहायता मिलती है तो परिवार को सिर छिपाने के लिए सुरक्षित छत मिल सकेगी।

ग्रामीणों ने भी प्रशासन से गरीब परिवार की स्थिति का संज्ञान लेकर नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। बरसात के बीच अपना आशियाना गंवा चुके इस परिवार को अब प्रशासन से मदद की उम्मीद है, ताकि उजड़े परिवार को फिर से एक सुरक्षित छत मिल सके।

इसे भी पढ़े: विष्णुगढ़: डीवीसी सीएसआर ने 60 टीबी मरीजों को बांटे पोषण किट, उपचार के साथ पौष्टिक आहार पर जोर

- ADVERTISEMENT -

Nitish Keshri

नितिश केशरी झारखंड के हजारीबाग जिले के चौपारण निवासी हैं। वे पिछले पाँच वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। मनोरंजन के साथ-साथ राजनीति, समाज, शिक्षा और समसामयिक विषयों पर भी वे नियमित रूप से लेखन करते हैं। उनकी लेखन शैली सटीक जानकारी और सरल भाषा के लिए जानी जाती है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment