चौपारण (हजारीबाग)। झारखंड पुलिस की ई-बीट पुलिसिंग व्यवस्था को चौपारण थाना क्षेत्र में और प्रभावी बनाने की कवायद शुरू कर दी गई है। पुलिस ने संवेदनशील और महत्वपूर्ण स्थानों को चिह्नित कर वहां ‘रक्षक’ ऐप आधारित QR कोड के पोस्टर लगाए हैं। इस पहल का उद्देश्य पुलिस गश्ती और निगरानी व्यवस्था को तकनीक से जोड़ना है।
संवेदनशील स्थानों पर लगाए गए QR कोड
चौपारण थाना प्रभारी पंकज कुमार के निर्देश पर दनुआ घाटी, माधगोपाली, महाराजगंज बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया होटल चेतना, बैंक ऑफ इंडिया ब्लॉक मोड़ और बैंक ऑफ इंडिया एटीएम समेत कई स्थानों पर रक्षक QR कोड लगाए गए हैं।
पुलिस के अनुसार इन स्थानों को क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण माना गया है। आने वाले दिनों में अन्य संवेदनशील जगहों को भी चिह्नित कर वहां QR कोड लगाए जाएंगे।
गश्ती दल स्कैन कर दर्ज करेगा उपस्थिति
ई-बीट पुलिसिंग सिस्टम के तहत गश्ती पर निकलने वाले पुलिसकर्मी निर्धारित स्थानों पर पहुंचकर QR कोड को रक्षक ऐप के माध्यम से स्कैन करेंगे। इससे संबंधित स्थान पर पुलिसकर्मी की गश्ती और उपस्थिति का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने में मदद मिलेगी।
इस व्यवस्था से पुलिस की बीट पेट्रोलिंग को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की उम्मीद है। साथ ही अधिकारियों को यह निगरानी रखने में सुविधा होगी कि संवेदनशील स्थानों पर नियमित गश्ती हो रही है या नहीं।
बैंक, एटीएम और घाटी क्षेत्रों पर विशेष नजर
चौपारण क्षेत्र में बैंक, एटीएम और दनुआ घाटी जैसे स्थानों पर सुरक्षा को लेकर पुलिस लगातार निगरानी बढ़ा रही है। QR कोड आधारित व्यवस्था के विस्तार से ऐसे इलाकों में पुलिस की नियमित मौजूदगी सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है। थाना प्रभारी पंकज कुमार ने बताया कि ई-बीट पुलिसिंग के तहत अभी कई प्रमुख स्थानों पर QR कोड लगाए गए हैं। अन्य संवेदनशील स्थलों को भी चिह्नित कर वहां निगरानी के लिए QR कोड लगाए जाएंगे।
तकनीक से मजबूत होगी पुलिसिंग
रक्षक ऐप और QR कोड आधारित निगरानी व्यवस्था पुलिस की पारंपरिक गश्ती को डिजिटल सिस्टम से जोड़ती है। इससे बीट स्तर पर पुलिसिंग की निगरानी और रिकॉर्ड रखने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिल सकती है।








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