4.5 किलोमीटर के दायरे में होंगे दोनों फ्लाईओवर, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात के बाद योजना ने पकड़ी रफ्तार
चौपारण (हजारीबाग)। झारखंड-बिहार को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण मार्ग पर स्थित दनुआ घाटी लंबे समय से सड़क दुर्घटनाओं के कारण संवेदनशील क्षेत्र बनी हुई है। घाटी के तीखे मोड़ और खतरनाक भौगोलिक बनावट के कारण यहां अक्सर बड़े हादसे होते रहे हैं। अब इस समस्या से स्थायी राहत दिलाने की दिशा में फ्लाईओवर निर्माण की योजना आगे बढ़ी है।
बरही विधायक मनोज कुमार यादव की पहल के बाद दनुआ घाटी में करीब 4.5 किलोमीटर के दायरे में दो फ्लाईओवर बनाने की योजना पर काम तेज हुआ है। विधायक के अनुसार, एनएचएआई की ओर से कराई गई टेस्टिंग और तकनीकी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है तथा टेस्टिंग रिपोर्ट को हरी झंडी मिल गई है।
केंद्रीय मंत्री से मुलाकात के बाद शुरू हुई पहल
विधायक मनोज कुमार यादव ने कुछ महीने पूर्व दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर दनुआ घाटी की स्थिति से अवगत कराया था। उन्होंने घाटी के तीखे मोड़ों, खतरनाक ढलान और भारी वाहनों के कारण लगातार सामने आने वाली दुर्घटनाओं को लेकर फ्लाईओवर निर्माण की मांग रखी थी। बताया गया कि केंद्रीय मंत्री के निर्देश के बाद एनएचएआई ने इस दिशा में तकनीकी प्रक्रिया शुरू की। इसके तहत क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति और निर्माण की व्यवहार्यता को लेकर आवश्यक टेस्टिंग कराई गई।
2 और 2.5 किलोमीटर के होंगे फ्लाईओवर
विधायक के अनुसार, प्रस्तावित योजना के तहत पहला फ्लाईओवर करीब 2 किलोमीटर लंबा होगा, जबकि दूसरे फ्लाईओवर की लंबाई लगभग 2.5 किलोमीटर होगी। इस तरह दोनों संरचनाओं की कुल लंबाई करीब 4.5 किलोमीटर होगी।
योजना की डीपीआर तैयार कर आगे भेजी जा चुकी है। अब निर्माण से जुड़ी आवश्यक स्वीकृतियों की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
वन विभाग और वाइल्डलाइफ से NOC की प्रक्रिया अंतिम चरण में
दनुआ घाटी क्षेत्र की भौगोलिक एवं वन क्षेत्र से जुड़ी परिस्थितियों को देखते हुए निर्माण से पहले विभिन्न विभागों की अनुमति जरूरी है। विधायक के मुताबिक, वन विभाग और वाइल्डलाइफ से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। सभी आवश्यक प्रशासनिक और पर्यावरणीय स्वीकृतियां मिलने के बाद निर्माण कार्य को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

हादसों पर अंकुश लगने की उम्मीद
दनुआ घाटी में दोनों फ्लाईओवर के निर्माण से वाहनों को खतरनाक मोड़ों और घाटी के संवेदनशील हिस्सों से गुजरने में राहत मिलने की उम्मीद है। इससे दुर्घटनाओं में कमी लाने और यातायात को अधिक सुरक्षित बनाने में मदद मिल सकती है।
विधायक मनोज कुमार यादव ने इस योजना को आगे बढ़ाने में हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल के योगदान को भी सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की सुरक्षा से जुड़ी इस महत्वपूर्ण योजना को आगे बढ़ाने में सांसद का सहयोग उल्लेखनीय रहा है।
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