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Diwali 2025 Shubh Muhurat: लक्ष्मी पूजन का शुभ समय, जानें दिवाली पूजा विधि और खास मुहूर्त

Published: Oct 20, 2025 10:07 AM  •  Updated: Oct 20, 2025 10:07 AM
HIGHLIGHTS
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Diwali 2025 Shubh Muhurat: दीपों का त्योहार दिवाली 2025 इस वर्ष 20 अक्टूबर को हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। यह दिन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि कार्तिक अमावस्या के दिन देवी लक्ष्मी का प्राकट्य हुआ था, इसलिए इस दिन धन, सुख और समृद्धि की कामना से उनका पूजन किया जाता है।

इस पवित्र अवसर पर आइए जानते हैं – दिवाली 2025 का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, आवश्यक सावधानियां और देवी-देवताओं के प्रिय भोग।

अमावस्या तिथि

  • अमावस्या प्रारंभ: 20 अक्टूबर दोपहर 03:44 बजे
  • अमावस्या समाप्त: 21 अक्टूबर शाम 05:54 बजे

दिवाली का पर्व कार्तिक कृष्ण अमावस्या को ही मनाया जाता है, जो अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक है।

लक्ष्मी पूजन के प्रमुख शुभ मुहूर्त

  • प्रदोष काल: शाम 05:46 से रात 08:18 बजे तक
  • वृषभ काल: शाम 07:08 से रात 09:03 बजे तक (सबसे शुभ समय)
  • निशिता मुहूर्त: रात 11:41 से 12:31 बजे तक (21 अक्टूबर)

दिवाली के अन्य शुभ मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त: 04:44 AM – 05:34 AM
  • अभिजित मुहूर्त: 11:43 AM – 12:28 PM
  • विजय मुहूर्त: 01:59 PM – 02:45 PM
  • गोधूलि मुहूर्त: 05:46 PM – 06:12 PM
  • सायाह्न सन्ध्या: 05:46 PM – 07:02 PM
  • अमृत काल: 01:40 PM – 03:26 PM

लक्ष्मी पूजन के चौघड़िया मुहूर्त

  • अमृत (सर्वोत्तम): 06:25 AM – 07:50 AM
  • शुभ (उत्तम): 09:15 AM – 10:40 AM
  • लाभ (उन्नति): 02:56 PM – 04:21 PM
  • अपराह्न (चर, लाभ, अमृत): 03:44 PM – 05:46 PM
  • सायाह्न (चर): 05:46 PM – 07:21 PM
  • रात्रि लाभ: 10:31 PM – 12:06 AM

राहुकाल: सुबह 07:50 से 09:15 बजे तक रहेगा — इस दौरान कोई भी शुभ कार्य या पूजा शुरू नहीं करनी चाहिए।

गणेश-लक्ष्मी पूजन विधि

  1. घर के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) को अच्छी तरह साफ करें।
  2. लाल कपड़े से ढकी चौकी पर गणेश और लक्ष्मी जी की मूर्तियां स्थापित करें।
  3. गंगाजल से स्नान कराकर वस्त्र, फूल, इत्र और अक्षत अर्पित करें।
  4. दीपक जलाएं, तिलक लगाएं, भोग लगाकर आरती करें।
  5. पूजा के अंत में क्षमा प्रार्थना करें और प्रसाद सबमें बांटें।

देवी-देवता के प्रिय भोग

  • मां लक्ष्मी: खीर, सिंघाड़ा, नारियल, मखाने, हलवा, पान के पत्ते
  • भगवान गणेश: मोदक और बेसन के लड्डू

विशेष संदेश

दिवाली के दिन केवल घर नहीं, मन के अंधकार को भी मिटाएं।
प्रकाश, प्रेम और सकारात्मकता फैलाएं – यही सच्ची लक्ष्मी-पूजन है।
आप सभी को शुभ दीपावली!

इसे भी पढ़ें: Diwali Tips 2025: झाड़ू से जुड़ी ये पौराणिक मान्यताएं जरूर जानें, बदल सकती हैं आपकी किस्मत…वरना नाराज हो सकती हैं मां लक्ष्मी

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Nitish Keshri

नितिश केशरी झारखंड के हजारीबाग जिले के चौपारण निवासी हैं। वे पिछले पाँच वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। मनोरंजन के साथ-साथ राजनीति, समाज, शिक्षा और समसामयिक विषयों पर भी वे नियमित रूप से लेखन करते हैं। उनकी लेखन शैली सटीक जानकारी और सरल भाषा के लिए जानी जाती है।

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