झारखंड में दर्दनाक एयर एंबुलेंस हादसा, पायलट समेत 7 की मौत

Nitish Keshri
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चतरा (झारखंड)। झारखंड के चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र स्थित कसारी जंगल में सोमवार शाम एक भीषण विमान हादसा हो गया। रांची से दिल्ली जा रही एयर एंबुलेंस अचानक दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें सवार सभी 7 लोगों की मौत हो गई। हादसा इतना भयावह था कि जंगल में दूर तक आग की लपटें देखी गईं और इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

धमाके के साथ गिरा विमान

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सोमवार रात करीब 8 बजे बारिश और तेज हवा के बीच अचानक जोरदार धमाका सुनाई दिया। कुछ ही देर में कसारी जंगल के भीतर आग की लपटें उठने लगीं। आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके की ओर दौड़े और पुलिस-प्रशासन को सूचना दी।

रांची से दिल्ली के लिए भरी थी उड़ान

मिली जानकारी के अनुसार एयर एंबुलेंस ने शाम करीब 7 बजे रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए उड़ान भरी थी। उड़ान भरने के लगभग आधे घंटे बाद ही विमान का एटीसी से संपर्क टूट गया। वायरलेस सिग्नल से आखिरी संपर्क शाम 7:30 बजे पलामू-गढ़वा क्षेत्र के ऊपर बताया जा रहा है। इसके बाद विमान का कोई पता नहीं चल सका।

गंभीर रूप से झुलसे मरीज को ले जाया जा रहा था

बताया जा रहा है कि लातेहार जिले के चंदवा निवासी संजय कुमार (41) को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जाया जा रहा था। वे कुछ दिन पहले बकोरिया स्थित अपने होटल में लगी आग में करीब 65% तक झुलस गए थे और रांची के देवकमल अस्पताल के आईसीयू में भर्ती थे। हालत में सुधार नहीं होने पर परिजनों ने उन्हें एयर एंबुलेंस से दिल्ली भेजने का निर्णय लिया था।

विमान में सवार थे ये लोग

दुर्घटनाग्रस्त रेड बर्ड कंपनी की एयर एंबुलेंस (सी-90) में कुल 7 लोग सवार थे:

पायलट कप्तान – विवेक विकास भगत, को-पायलट कैप्टन – सवराजदीप सिंह, मरीज – संजय कुमार, डॉक्टर – विकास कुमार गुप्ता, पैरामेडिक – सचिन कुमार मिश्रा, अर्चना देवी और धुरु कुमार शामिल थे।

हादसे के बाद आसपास के गांवों से करीब एक हजार लोग घटनास्थल पर पहुंच गए। बाद में पुलिस और प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी। रात का समय के कारण राहत एवं बचाव कार्य प्रभावित रहा। सुरक्षा कारणों से किसी को भी मलबे के पास जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है।

जांच के बाद ही साफ होगा कारण

पुलिस और प्रशासन का कहना है कि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा विस्तृत जांच के बाद ही होगा। प्रारंभिक तौर पर खराब मौसम, तेज बारिश और तेज हवा को संभावित वजह माना जा रहा है, लेकिन अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

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